Wednesday, September 17, 2008

आग्रह

दिल्ली से प्रकाशित कथादेश के सितम्बर अंक में मेरी कहानी पूर्वसंध्या और पाँच यार प्रकाशित हुई है। आपसे आग्रह है कि पढ़ें । कुछ समय बाद उसे ब्लॉग पर भी प्रकाशित कर दूँगा।

3 comments:

राजीव जैन Rajeev Jain ने कहा…

बधाई!
सर दिल्ली में तो आसानी से मिल जाती थी, जयपुर में किस स्टॉल पर मिलेगी। बताइयेगा

डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने कहा…

अद्भुत कहानी है, यह बात मैं आपसे तो कह ही चुका हूं, अब इस ब्लॉग के पाठकों के लिए भी दुहरा रहा हूं. आप इसे ब्लॉग पर डालने में इतनी देर यों कर रहे हैं? कथादेश सब जगह नहीं मिलती है. ब्लॉग पर होगी तो और लोग भी इस शानदार कहानी को पढ़ पाएंगे.

suman ने कहा…

Aap ki kahaniya blog par de plz .padhne ka intzar rahega ji.